शाहपुर पंचायत के वार्ड 09 में कर्ज के बोझ तले दबी महिला ने की आत्महत्या

 


चेरियाबरियारपुर. थाना क्षेत्र अंतर्गत शाहपुर पंचायत के वार्ड संख्या 09 में गुरुवार को दोपहर लगभग दो बजे एक महिला ने फंदा से झुलकर अपनी इहलीला समाप्त कर ली. उक्त मनहूस खबर पूरे मुहल्ले में जंगल के आगे की तरह फ़ैल गई. तथा इस बात की चर्चा होने लगी कि अभी कुछ देर पहले ही तो वह महिला हथपैंचा रूपया उधार मांगने आई थी. बताया जाता है महिला की पहचान संतोष कुमार पासवान की पत्नी लगभग 32 वर्षीय नेहा कुमारी के रूप में हुई है. वहीं सूचना पर चेरिया बरियारपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंच छानबीन में जुट गई है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आत्महत्या करने से पूर्व उक्त महिला पूरे मुहल्ले में लोगों से कुछ रूपये उधार मांगने गई थी. परंतु कहीं से उसे उधार रूपया नहीं मिला. फलत: हताश व निराश होकर घर लौटी. तथा अपने लगभग तीन वर्षीय छोटे पुत्र को खेत में काम कर रही सास के पास बांध के समीप पहुंचा दी. तथा वापस घर पहुंच बरामदे पर ही एक साड़ी से फंदा लगाकर झुल गई. घर के आसपास से गुजर रहे लोगों ने बरामदे पर फंदा से झुलते महिला को देखा तो उक्त खबर तुरंत पूरे मुहल्ले में फ़ैल गई. तथा फंदा से झुलता महिला के शव को देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी. वहीं पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हेतु भेजने की तैयारी में जुट गई. जबकि मौके पर पहुंचे पंसस अजय शर्मा, सरपंच प्रतिनिधि कन्हैया कुमार सिंह, वार्ड सदस्य मो साजन आदि ने गहरा दुख व्यक्त किया. तथा परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की.

 

निजी कंपनी के ग्रुप लोन एवं किश्तवाड़ क़र्ज़ की अदायगी का बढ़ा दबाव : क़र्ज़ के दबाव में आकर महिला के द्वारा आत्महत्या की खबर पूरे गांव के चौक चौराहों पर चर्चा का विषय बन गया. जानकारी के अनुसार निजी कंपनी के द्वारा मुहल्ले में घूमकर महिला ग्रुप लोन का धड़ल्ले से लाभ लिया गया है. जिसके लिए निजी कंपनी के कर्मी अब उस क़र्ज़ की अदायगी हेतु ज़ोरदार तरीके से दबाव बनाया जा रहा है. विश्वस्त सूत्र बताते हैं ग्रुप लोन एवं किश्तवाड़ क़र्ज़ की अदायगी नहीं हो पाने की स्थिति में गांव का कई लोग पूरे परिवार सहित गांव से प्रदेश की ओर पलायन चुका है. जबकि जो लोग हैं वह क़र्ज़ अदायगी में पिछड़ रहे हैं. तथा अब नौबत आत्महत्या तक पहुंचने लगी है. वहीं कई लोगों का कहना है कि निजी कंपनी के कर्मी मुहल्ले में घुम घुमकर ख़ासकर महिलाओं को भविष्य के हसीन सपने दिखाकर क़र्ज़ दे देते हैं. बाद में उसकी वसूली के लिए इस तरह दबाव बना रहे हैं. जिससे गरीब मजदूर घर परिवार त्रस्त होकर गांव से पलायन करने को मजबूर हो गया है.


मायके वालों के द्वारा लगाया जा रहा हत्या का आरोप

हत्या या आत्महत्या मामले में महिला के मायके वालों द्वारा ससुराल वालों पर हत्या का आरोप लगाया जा रहा है. सूत्रों की मानें तो मायके वालों का कहना है कि ससुराल वालों के द्वारा हत्या कर आत्महत्या की बात कही जा रही है. निजी कंपनी से महिला ग्रुप लोन की बात बेबुनियाद है. जबकि ससुराल पक्ष के द्वारा क़र्ज़ के बोझ तले दब जाने के कारण आत्महत्या कर लेने की बात कही जा रही है. थानाध्यक्ष अमर कुमार ने बताया प्रथमदृष्टया मामला आत्महत्या का ही प्रतीत होता है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मामले का खुलासा हो जाएगा.