खोदावंदपुर (बेगूसराय)। खोदावंदपुर पंचायत अंतर्गत उत्क्रमित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मुसहरी की करीब एक एकड़ सरकारी भूमि पर वर्षों से स्थानीय लोगों द्वारा किए गए अतिक्रमण ने विद्यालय की शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। विद्यालय की अधिकांश भूमि पर मवेशियों का बथान बना दिए जाने से बच्चों को रोजाना भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
विद्यालय प्रबंधन के अनुसार चेतना सत्र, प्रार्थना सभा, शारीरिक व्यायाम और खेलकूद जैसी गतिविधियां अब खुले में सुचारू रूप से संचालित नहीं हो पा रही हैं। सीमित जगह के कारण बच्चों को खड़े रहने तक में दिक्कत होती है। कई बार मवेशियों के कारण विद्यालय परिसर गंदगी से पट जाता है, जिससे संक्रमण फैलने का भी खतरा बना रहता है।
विद्यालय परिसर में साइकिल व बाइक शेड निर्माण की योजना भी अतिक्रमण के कारण अधर में लटकी हुई है। छात्रों और शिक्षकों को अपने वाहन खड़े करने के लिए सुरक्षित स्थान नहीं मिल पा रहा है। चारदीवारी नहीं होने की वजह से असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे न केवल विद्यालय की संपत्ति को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि छात्र-छात्राओं की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
इस गंभीर समस्या को लेकर विद्यालय प्रधान विपिन कुमार ने अंचल अधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं प्रभारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को लिखित आवेदन देकर विद्यालय की भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो विद्यालय का वातावरण पूरी तरह बिगड़ जाएगा और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती रहेगी।
इस संबंध में अंचल अधिकारी प्रीति कुमारी ने बताया कि विद्यालय प्रधान से अतिक्रमण की सूचना प्राप्त हो चुकी है और मामले की जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आगामी 19 जनवरी को विद्यालय परिसर की अतिक्रमित भूमि को खाली करवा दिया जाएगा।
स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों ने प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई कर विद्यालय की जमीन को अतिक्रमणमुक्त कराने की मांग की है, ताकि बच्चों को सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण में शिक्षा मिल सके। लोगों को उम्मीद है कि 19 जनवरी की कार्रवाई से वर्षों पुरानी यह समस्या अब समाप्त होगी।


