पटना। बिहार में भूमि से जुड़े लंबित मामलों को खत्म करने के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने बड़ा एक्शन प्लान तैयार किया है। राजस्व महा अभियान के दौरान जमा हुए 46 लाख दाखिल-खारिज और परिमार्जन आवेदनों को 31 मार्च 2026 तक अनिवार्य रूप से निपटाने का आदेश जारी किया गया है।
विभाग के प्रधान सचिव सी.के. अनिल ने इसे लेकर सभी प्रमंडलीय आयुक्तों, जिलाधिकारियों, अपर समाहर्ताओं, भूमि सुधार उपसमाहर्ताओं और अंचल अधिकारियों को विस्तृत निर्देश भेजे हैं।
डिजिटल जमाबंदी सुधार पर सरकार का फोकस
राजस्व महा अभियान 16 अगस्त 2025 से 20 सितंबर 2025 के बीच चलाया गया था। इस दौरान डिजिटल जमाबंदी में त्रुटि सुधार, छूटी हुई जमाबंदी को ऑनलाइन दर्ज करना, उत्तराधिकार और बंटवारे के आधार पर नामांतरण के लिए बड़े पैमाने पर आवेदन प्राप्त हुए थे।
मुख्यमंत्री की समृद्धि यात्रा के दौरान इन सभी आवेदनों को जल्द निपटाने के निर्देश दिए गए थे, जिसके बाद अब विभाग ने स्पष्ट समय-सीमा तय कर दी है।
परिमार्जन के 40 लाख आवेदन पहले होंगे निपटाए
विभागीय पत्र के अनुसार कुल आवेदनों में से करीब 40 लाख केवल परिमार्जन से जुड़े हैं। इन मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाएगा। सभी आवेदनों को पहले जिला, अंचल और हल्का स्तर पर ऑनलाइन दर्ज किया जाएगा।
मामलों को दो श्रेणियों में बांटा गया है—
- अविवादित मामले, जिनका निष्पादन जिला मुख्यालय में होगा
- विवादित मामले, जिनका समाधान पंचायत स्तर पर शिविर लगाकर किया जाएगा
पंचायत भवनों में होंगे राजस्व सेवा शिविर
विवादित मामलों के लिए पंचायत भवनों में राजस्व सेवा शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में अंचल अधिकारी और संबंधित हल्का कर्मचारी मौजूद रहेंगे। यहीं पर पक्षकारों की सुनवाई, दस्तावेजों का सत्यापन और आदेश पारित करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
एक ही परिवार या खाताधारी से जुड़े मामलों का एक साथ निपटारा किया जाएगा, ताकि समान परिस्थितियों में अलग-अलग आदेश की स्थिति न बने।
भूमि मापी अभियान भी रहेगा जारी
मामलों के निपटारे के साथ-साथ भूमि मापी का विशेष अभियान भी चलाया जाएगा। इसके लिए अमीनों की सेवाएं ली जाएंगी। अंचल अधिकारी शिविर संचालन और मापी कार्य के बीच समन्वय स्थापित करेंगे।
45 कार्य दिवस में पूरा होगा एक मामला
प्रत्येक आवेदन के निपटारे के लिए विभाग ने चरणबद्ध समय-सीमा तय की है—
- सभी पक्षकारों को नोटिस: 15 कार्य दिवस
- सुनवाई की प्रक्रिया: 7 दिवस
- दस्तावेज प्रस्तुत करने का समय: 7 दिवस
- सकारण आदेश पारित: 15 कार्य दिवस
इस तरह एक आवेदन के निष्पादन के लिए कुल 45 कार्य दिवस की समय-सीमा निर्धारित की गई है।

